आवारा मवेशियों के चलते आये दिन हो रही दुर्घटनायें, नपा बना मूक दर्शक

596 By 7newsindia.in Sun, Sep 1st 2019 / 18:44:57 मध्य प्रदेश     

 यातायात पुलिस अपने आप को कर रही अक्षम महसूस

रोड पर कब्जा जमाये आवारा पशुओं के लिए जिला प्रशासन के पास नहीं है कोई प्लान
 
सीधी,
 
पूरे शहर में जगह.जगह आवारा पशुओं ने अपना डेरा जमा रखा है, आलम यह है कि बीच रोड में बैठे हुए आवारा पशुओं से हरदम सड़क दुर्घटना का खतरा बना रहता है।  यूं तो बाजार व्यवस्था और सब्जी मंडी में नगरपालिका के कर्मचारियों द्वारा बाकायदा बैठकी वसूली की जाती है लेकिन जब बात रोड व्यवस्था और अतिक्रमण की होती है तो नगर पालिका  द्वारा पल्ला झाड़ लिया जाता है और यातायात पुलिस के कर्मचारी पूरा दिन ठेले वालों को खदेड़ते दिखते हैं। आखिर बाजार और मंडी से बैठकी वसूलने वाली नगरपालिका सब्जी मंडी और बाजार व्यवस्था के लिए यातायात पुलिस के भरोसे क्यों है यह अनसुलझा सवाल है। एक तरफ  जहां सीधी के यातायात को व्यवस्थित करने के लिए यातायात थाना प्रभारी सूबेदार भागवत प्रसाद पांडेय द्वारा रोज नए.नए प्रयोग किए जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ  नगर पालिका प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ दूर से ही तमाशा देख रहा है। आम जन की मानें तो नगर पालिका प्रशासन हो या जिला प्रशासन अवारा मवेशियों की समस्या से भजी भॉति रूबरू है किन्तु उसके बाद भी आज दिनांक तक कोई भी सार्थक पहल कार्यायल से निकलकर यर्थाथ के धरातल पर कृयान्वित होते प्रतीत नहीं हो रही है। सूत्रों की मानें तो आज भी कॉजी हाऊस कागजों में दम तोड़ता नजर आ रहा है, और मवेशी सड़कों पर। 
 
 

ऑटो स्टैंड की समस्या -

शहर की सड़को पर आम आदमी के आने जाने में सबसे बडी समस्या कहीं न कही आटो रिक्सा माना जा रहा है। ऑटो स्टैंड नहीं होने पर ऑटो रिक्शा चालक ऑटो को सड़क के किनारे खड़े करने पर मजबूर हो रहे हैं। वहीं ट्रैफि क पुलिस का डंडा भी चलता है अब समस्या यह है कि ना ऑटो स्टेंड है और ना ही पुलिस सड़क पर ऑटो खड़ा करने देती, ऑटो वाले जाएं तो जाएं कहां।
 
 

आवारा पशु बने एक बडी समस्या -

वर्तमान समय में शहर ही नहीं अपितु पूरे जिले की सड़कों में मानों आवारा पशुओं का कब्जा हो गया है। बात फिर सीधी से रीवा, बैढन, सिंगरौली, मझौली, मड़वास, या फिर मऊगंज की हो हर जगह सड़क के बीचों बीच आवारा पशु डेरा जमाये बैठे रहते हैं। इस समस्या के चलते रात्रि कालीन सफर करने में सबसे ज्यादा कठिनाईयों का समान वाहन चालकों को करना पड़ रहा है। वहीं आये दिन आवारा मवेशियों के चलते कई दुर्घटनायें सामने आती रहती है, जिसमें ज्यादातर दो पहिया वाहन सवार चोटिंल होते है तो बडे  वाहनों द्वारा मवेशियों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके बाबजूद जिला प्रशासन के पास कोई भी सार्थक मास्टर प्लान उपलब्ध नहीं है। 
 

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