झूठ का दस्तावेज़ है राज्यपाल का अभिभाषण : कमलेश्वर पटेल

आउटसोर्सिंग पर आ गई सरकार
सीधी ! सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल ने विधान सभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए राज्यपाल के अभिभाषण को असत्य का पुलिंदा बताया। उन्होने कहा कि सरकार की कोई योजना धरातल पर नहीं है। पंडित दीनदयाल जन्म शताब्दी वर्ष मनाया गया, गरीब कल्याण वर्ष मनाया लेकिन आज गरीब और किसान ही सबसे ज्यादा परेशान है। उन्होंने कहा कि गरीबों का गरीबी रेखा में नाम नहीं जुड़ पा रहा है । विधवा और विकलांग पेंशन के लिए जगह-जगह पटक रहे हैं । गरीबी रेखा के लिए बार-बार शिविर लगाए जाते हैं । ग्राम उदय से भारत उदय अभियान चलाया गया पर कोई काम नहीं होता । सिर्फ गरीबों के आवेदन लिए जाते हैं और समस्याएें जस की तस बनी हुई है श्री पटेल ने कहा कि गरीबों के लिए संचालित योजनाएं बंद हो गई है। पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ हैं। सरकार गुमराह करने की कोशिश कर रही है जैसा कि राज्यपाल के अभिभाषण से स्पष्ट जाहिर होता है। विधायक श्री पटेल ने कहा कि सिहावल विधानसभा में फसल बीमा का किसी भी किसान को फायदा नहीं मिल रहा है। भाजपा के विधायको के क्षेत्रों में फसल बीमा का लाभ किसानों को मिला हो लेकिन दूसरी जगह किसानों को इसका लाभ नहीं मिला । फसल बीमा योजना की शुरुआत के कार्यक्रम में लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए गए थे । हो सकता है कि सीहोर विदिशा जिले के किसानों को फायदा मिला हो ।गरीब और किसान दोनों भटक रहे हैं । गरीब कल्याण वर्ष का कोई औचित्य नहीं रह जाता। श्री पटेल ने कहा कि सीधी जिला सूखा प्रभावित घोषित है कई तहसीलें भी घोषित है पर सूखे का जो प्रावधान है उसका कहीं भी पालन नहीं हो रहा है नाराहत कार्य शुरू किए गए हैं और ना ही पर सूखे का जो प्रावधान है उसका कहीं भी पालन नहीं हो रहा है। और ना ही मनरेगा की मजदूरी का कुछ भुगतान हो रहा है । सर्वे में कई गांव छूट गए हैं उन्होंने कहा टिकरी धुतपुरा पंचायत पूरी की पूरी छूट गई है क्योंकि तहसीलदार ने पैसे की मांग की थी सरपंच से। श्री पटेल ने कहा कि यदि किसी किसान ने 50 हजार , 1 लाख का छोटा कर्ज लिया है और उसका भुगतान नहीं किया है तो बैंक उसकी कुर्की करता है। और गरीब किसान बिजली का भुगतान नहीं करता है तो उसे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली के बिल पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की फोटो लगाकर महान पुरुष को भी बदनाम करने कि कोई कोर कसर सरकार नहीं छोड़ रही है । यदि किसान किसी तरह बिजली का बिल जमा भी कर देता है तो नया बिल में पुराने पैसे जोड़ कर आ जाते हैं। ट्रांसफर्मार जले रहते हैं । गांव के गांव में खंबे टूटे हैं। बिजली विभाग किसान और गरीब के पैसे से अपने ऑफिस , अपनी सरकार चलाना चाहती है उन्होंने कहा कि इस प्रकार किसानों की आय दोगुनी नहीं हो सकती , विधायक श्री पटेल ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य में सबसे ज्यादा बजट का प्रावधान है लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों में राज्य पिछड़ा है । स्कूलों में शिक्षक नहीं है । शिक्षकों की भर्ती सरकार नहीं कर रही है शासकीय स्कूलों के बजाय लोग गांव-गांव में प्राइवेट स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं ये स्थिति बहुत गंभीर है इसी प्रकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अत्यधिक चिंताजनक स्थिति है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं है मरीजों को जिला अस्पताल भेज दिया जाता है । कोई इलाहाबाद जाता है तो कोई नागपुर जाता है । श्री पटेल ने कहा कि सीधी जिले में एक रोजगार कार्यालय था जिसे अब सरकार ने बंद कर दिया है । शिक्षित बेरोजगार भटक रहे हैं बैंक वाले उन्हें लोन देने को तैयार नहीं है पटेल ने कहा कि अभिभाषण में बढ़ा चढ़ाकर आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं नौजवानों के लिए शिक्षित बेरोजगारी के लिए जो योजनाएं बनाई गई हैं वह गंभीर स्थिति में है किसी भी योजना का लाभ जवानों को नहीं मिल पा रहा है प्रधानमंत्री पद पर बैठे और संवैधानिक पदों पर बैठे लोग पकौड़ा बेचने को हुनर की बात मानते हैं उन्होंने कहा कि पूरी की पूरी सरकार आउटसोर्सिंग पर आ गई है कमलेश्वर पटेल ने कहा कि ओबीसी वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति ₹25000 से घटाकर मात्र ₹10000 कर दी गई है । छात्र भटक रहे हैं। विधायक श्री पटेल ने उज्ज्वला योजना के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना में गैस सिलेंडर गरीबों को 900 से ₹1000 तक का पड़ रहा है । पटेल ने कहा कि सीधी जिले की ज्यादातर नल योजनाएं बंद है । पेयजल का भारी संकट है । पूरा जिला सूखे से जूझ रहा है । सिंगरौली जिले की देवसर तहसील मैं स्थिति बहुत खराब है। पटेल ने कहा कि सरकार जो भी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए शुरू करती हैं वह जल्दी ही बंद कर देती है ।